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हे स्त्री-तुम महान संवेदना की प्रतिमूर्ति

Sudha Chaudhary 10 Jun 2023 कविताएँ अन्य 35470 1 5 Hindi :: हिंदी

हे स्त्री,
तुम महान 
संवेदना की प्रतिमूर्ति,
ममता की खान,
जीवन की अमराई यों में
स्नेह की ज्वाला
बिखेरती।
तुम महान।
तुम्हारे रूप अनेक
मां, बेटी,बहन, पत्नी
और न जाने क्या क्या?
परन्तु परिपूर्ण तुम्हारा
स्त्री रूप ।
जिसमें समाहित है
सम्पूर्णता।
हे स्त्री
तुम महान
अदम्य साहस से युक्त
तेजी इतनी कि
गति को भी 
पीछे छोड़ दें।

सुधा चौधरी
बस्ती

Comments & Reviews

Raj Ashok
Raj Ashok Good

2 years ago

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