Chanchal chauhan 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम हिंदी हमारी हर भाषा की जननी है 68293 1 5 Hindi :: हिंदी
हिंदी हमारी प्रिय भाषा है, सीधी सादी शब्दों से सुसज्जित, कविता, कहानी, दोहा, अलंकार, सोरठा, छंद, चौपाई ,रस सबसे संगठित हैं, सबको अपनी मेल रंग में रंगती हैं, अपनी सुंदरता से, किताबों में रंग भरती हैं, सब भाषा में उलझ उलझ जाएं, हिंदी हमारी सब समझती हैं, हिंदी के उपन्यास बड़े-बड़े, ज्ञान का भंडार भरती हैं, सब भाषा में श्रेष्ठ, हमारी हिंदी उच्च स्थान पाती हैं, सब भाषा की जननी हिंदी हमारी, राष्ट्रीय, मातृभाषा का प्रतीक कहलाती हैं। भारत की शान बढ़ाती हैं। लेखक, लेखिका के कलम से निकलकर ज्ञान का प्रकाश, नई दिशा, अपनी किरणों से, उजाला फैलाती हैं ।
3 years ago
Mera sapna tha apne bicharo ko logo tak phunchana unko jiwn ki sikh ,prerna dena unmai insaniyat jag...