संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक मेरी कविता प्रेरणा से भरपूर है जो पाठकों के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। 33412 1 5 Hindi :: हिंदी
होना भी तो चाहिए, पड़ा जेब में नोट। सब ही इच्छा तब पूर्ण हो, करूं खुशी से वोट।। होना भी तो चाहिए, मन में शुद्ध विचार। तभी ज्ञान उपदेश कर,खुशी करूं संसार।। होना भी तो चाहिए, सरल मधुर व्यवहार। फिर तो सबका साथ हो,मिलता विजय हजार।। होना भी तो चाहिए,मानवता से प्यार। देवलोक है तब धरा, जन्म लगे अवतार।। होना भी तो चाहिए,पाप पुण्य में भेद। पापी को होती सजा,करे नहीं वह खेद।। संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
3 years ago
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....