अंजली कुमारी 18 May 2024 कविताएँ समाजिक हौसला रख 63067 2 5 Hindi :: हिंदी
क्या हुआ? हार गई । हौसला रख तुम्हें कर दिखाना है , तुझे ही अपना पहचान बनाना है । पिता का गर्व बढ़ाना है , ऐसे हार नहीं जाना है। खुद को हमेशा जगाना है , पुस्तक को साथी बनाना है । कम नहीं तुम किसी से , खुद को ये एहसास दिलाना है । समाज के ताने को सहना है , फिर भी सबसे आगे रहना है । अनवरत अभ्यास कर मुमकिन कर दिखाना है , उपहास करने वाले को , एक दिन कर बताना है । मार्ग में आए अड़चन से , डर कर नहीं जाना है । डर को हमेशा हराना है , निडरता को अपनाना है । एक दिन खुद को सफल बनाना है । हौसला रख तुम्हें कर दिखाना है , तुझे ही अपना पहचान बनाना है।।
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