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इस जग में सिया के राम

Ajeet 01 Dec 2024 कविताएँ धार्मिक इस जग में सिया के राम 24087 0 Hindi :: हिंदी

कोई मांगे हरि तो,  कोई मांगे श्याम 
मैं मांगू इस जग में सिया के राम।।

रोम रोम है खाली 
रोम में बसावे राम 
कोई मांगे हरि तो,  कोई मांगे श्याम 
मैं मांगू इस जग में सिया के राम।।

मन में सुंदर विचार आवे 
आवे मन में राम 
कोई मांगे हरि तो,  कोई मांगे श्याम 
मैं मांगू इस जग में सिया के राम।।

मन की बातें सुनता ना कोई 
ना कोई सुनावे राम 
कोई मांगे हरि तो,  कोई मांगे श्याम 
मैं मांगू इस जग में सिया के राम।।

है कोई जग में ऐसा 
जो चीर के दिखा दे सीने में राम 
कोई मांगे हरि तो,  कोई मांगे श्याम 
मैं मांगू इस जग में सिया के राम।।
                  रचनाकार– अजीत

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