ADITYA SHANKHWAR 19 Jul 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत इश्क प्रेम 200 0 Hindi :: हिंदी
इंतज़ार
सुनो तुम, मेरे दिल के पास रहते हो,
धड़कन बनकर हर पल तुम चलते हो।
जब से देखा है तुमको ओ मेरे हमदम,
ज़िंदगी के हर मोड़ पर तुम ही दिखते हो।
तुम्हारी मुस्कान में खो जाती हूँ मैं,
तुम्हारी बातों में कहीं खो जाती हूँ मैं।
चाहती हूँ कहना जो बात बरसों से,
आज वो इकरार करने आई हूँ मैं।
तुमसे ही सुबह मेरी, तुमसे ही शाम है,
इस दिल की हर धड़कन पर तुम्हारा नाम है।
जैसे चंदा चकोर को है निहारता,
वैसा ही इस दिल का हाल तमाम है।
दुनिया की इस भीड़ में तुम सबसे जुदा हो,
मेरे सूने जीवन में जैसे तुम ख़ुदा हो।
हाथ थामकर मेरा तुम कभी न छोड़ना,
तुम ही मेरी मंज़िल, तुम ही रास्ता हो।
अब और छुपाया नहीं जाता ये राज़ दिल का,
तुम ही तो किनारा हो मेरी हर लहर का।
हाँ, मुझे तुमसे बेइंतहा प्यार है,
अब इस दिल को बस तुम्हारा इंतज़ार है।
आदित्य शंखवार