Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

"जो समय से लड़ा, वही आगे बढ़ा"

Anilkumar Rathwa (Sameer) 16 Dec 2025 कविताएँ समाजिक 9424 0 Hindi :: हिंदी

कितनी भी योजनाएँ बना लो तुम,
नक़्शे, रास्ते, मंज़िल के सपने—
आख़िरी मोहर समय ही लगाता है,
बाक़ी सब तो इंसान के अपने-अपने भ्रम हैं।

हम सोचते हैं सब हमारे हाथ में है,
मेहनत, समझदारी और हिसाब के सहारे,
पर एक पल में समय बता देता है—
कौन राजा है और कौन मोहरे।

जो कल था, वो आज नहीं रहता,
जो आज है, वो कल ढल जाएगा।
इस सच से भागोगे जितना भी,
वक़्त तुम्हें पकड़ ही जाएगा।

पर यहाँ एक बात समझ लेना,
समय दुश्मन नहीं, आईना होता है।
वो तुम्हें तोड़ता नहीं है कभी,
वो बस तुम्हें तुम्हारा सच दिखाता है।

जो हालात में भी खुद को नहीं छोड़ता,
जो अंधेरे में भी मेहनत जलाता है,
समय उसी के लिए करवट लेता है,
किस्मत भी उसी का गीत गुनगुनाती है।

रोना है तो रो लो एक पल को,
पर वहीं डेरा मत डाल लेना।
क्योंकि वक़्त उनके लिए नहीं रुकता,
जो बीते कल में जाल बिछा लेना।

उठो, बदलो, स्वीकार करो,
जो है उसी से शुरुआत करो।
क्योंकि समय हारता नहीं कभी,
पर समय से सीखने वाला
सब कुछ जीत लेता है।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: