Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ अन्य 14306 0 Hindi :: हिंदी
जाड़े का दिन जाड़े का दिन है आया सर्दी और ठिठुरन है लाया चाय की चुस्की के संग ठंडी के तुम मजे ले लो रजाई कम्बल से भी न जाए कैसी है ये सर्दी आई स्वेटर मफलर और दस्ताने पहना इनको जबसे भाई मजा लिया खूब ठंडी का संग बच्चों के फिर खेला खूब रुखसार परवीन