Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ बाल-साहित्य 22609 0 Hindi :: हिंदी
17 जागो जागो,जागो प्यारे बच्चों ये वक्त नहीं है आलस का उठो, पढ़ो, आगे बढ़ो तुम जग में करो रोशन नाम अब नहीं समझे तो कब समझोगे ये समय वापस नहीं आएगा अब नहीं जागे तो कब जागोगे बाद में पछतावा ही हाथ आएगा Rukhsar parveen