Anilkumar Rathwa (Sameer) 25 Oct 2025 कविताएँ हास्य-व्यंग "ज्ञानी और गधे की संगति" 21672 1 5 Hindi :: हिंदी
जब ज्ञानी ज्ञानी से मिले, तो ज्ञान की गंगा बहे, शब्दों में शहद टपके, विचारों के मोती रहे। बातों में दम, सोच में सार, दुनिया करे सलाम — “वाह! कितना बुद्धिमान विचार!” पर जब गधा गधे से मिले, तो दृश्य बड़ा निराला, ना बात की बात, ना सोच का मोल, बस ठोकरों का मेळा! कभी आगे से धक्का, कभी पीछे से लात, कहते हैं — “भाई! ये तो हमारी दोस्ती की बात!” एक दिन किसी ज्ञानी ने देखा ये हाल, कहा — “संगति का असर होता है बेमिसाल!” अगर फूलों के संग रहो तो खुशबू मिलती है, और काँटों के संग रहो तो चुभन सिलती है। इसलिए ओ मानव! संगत चुन समझदारी से, कहीं गधे की मंडली में न बैठो लाचारी से। ज्ञानी के पास जाओ, तो ज्ञान का दीप जलाओ, वरना पछताओगे — “काश! थोड़ा सोचा होता भाई, अब तो बुद्धि भी छुट्टी पर चली गई भाई!”
8 months ago