Rambriksh Bahadurpuri 01 Sep 2025 कविताएँ समाजिक #रामवृक्ष बहादुरपुरी#जीवन का सच कविता#अम्बेडकरनगर पोएट्री साहित्यिक मंच 38803 0 Hindi :: हिंदी
जीवन का सच “बढ़ती उम्र” और “जिममेदारियां” मार देती हैं “इच्छाओं को” छीन लेते हैँ “ख्वाब” समाप्त कर देते हैं “अधिकार” बस रह जाता है केवल “अकेलापन” किसी कमरे का “एक कोना” “टूटे सपने” को याद करने के “पल” के सिवा और “कुछ नहीं “ रामवृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश 9721244478
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...