मोती लाल साहु 21 May 2023 कविताएँ समाजिक जीवन के दो खूबसूरत पल जिसकी सानी नहीं, एक मां जब बच्चे को जन्म देती है- अपार खुशियों से भर जाती है- जब मनुष्य द्वीज बनता है- सोलह संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार- आंतरिक नेत्र खुलता है- तब दूसरा जन्म होता है। 28002 0 Hindi :: हिंदी
एक मां जब- बच्चे को जन्म देती है अपार- खुशियों से भर जाती है जीवन के- इस पल की सानी नहीं जब मनुष्य- द्विज बनता है, सोलह संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार जब- आंतरिक नेत्र खुलता है तब दूसरा जन्म होता है जीवन के- इस पल की सानी नहीं -मोती