Poonam Mishra 22 Jun 2023 कविताएँ समाजिक मेरी कविता 25866 0 Hindi :: हिंदी
जीवन रूपी यात्रा में कहां विश्राम लगेगा !यह तो मुझे पता नहीं है! चंद लफ्जों में मेरी बात कहां सिमट ने वाली है! अपने शब्दों में इस जीवन का मैं कैसे वर्णन करूं? लगता है यह जीवन है एक जादू भरा है ? क्या फिर यह पल वापस आएगा? मन सोच रहा है क्या यह करिश्मा हुआ है ? जीवन मरण के चक्र से क्या मैं भी छूट जाऊंगी ? मन सोच रहा है,,, मन सोच रहा,,,, है