Poonam Mishra 15 Jun 2023 कविताएँ समाजिक कुछ अपनी तरह 30528 0 Hindi :: हिंदी
जिंदगी को जिया मैंने अपनी तरह! न जाने क्यों? लोगों की नजर में हम खटकत्तै रहे! कुछ राह में मिले हैं! अजनबी की तरह कुछ पास आ गए हैं ! अपनों की तरह ! सोचती हूं कि किसको ? को मैं अपना कहूं! न जाने क्यों ? मुझे सब लगे मतलबी की तरह