Ujjwal Kumar 05 Jul 2023 कविताएँ अन्य कल की चिंता छोडो, the childhood poem write by-ujjwal kumar 27625 0 Hindi :: हिंदी
कल की चिंता छोडो,
आज मे जीना सीखो,
कुछ देर ही सही,
बच्चे बनकर देखो.
मिल जायेंगी खुशी,
थोडा खुलकर जीना,
. सीख लो............,.
गुजरा हुआ भूत,
आनेवाला भविष्य ,
थोडा सा भुलकर ,
तो देख लो....,.
आपने विचारो को,
पंछी बनकर उडने का,
मोका तो दे कर देखो,
शांति मिलेगी तुम्हे,
कुछ देर खुद को,
टटोलकर तो देख लो.
थोडा सा आज मे,
जी-कर बच्चा बनकर,
तो देख लो.......,
बच्चा बनकर तो देख लो.
🌹रचनाकार🌹
✍उज्जवल कुमार