Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

क्रोध नहीं, संयम चुनो

Anilkumar Rathwa (Sameer) 02 Dec 2025 कविताएँ समाजिक “क्रोध नहीं, संयम चुनो” 14537 0 Hindi :: हिंदी

जब क्रोध आये, तो इंसानों से नहीं—
अपने मन से लड़ना सीखो,
क्योंकि असली युद्ध बाहर नहीं,
अंदर उठते तूफ़ानों से होता है।

किसी से छीनी गई जीत
कभी सुख नहीं देती,
लेकिन अपने मन पर पाया गया नियंत्रण
जीवन को नयी दिशा दे देता है।

और जब मुसीबत दरवाज़ा खटखटाए,
तो खुद को दोष मत दो,
समय से लड़ो, परिस्थितियों को समझो—
क्योंकि हर बुरा वक़्त
एक दिन गुज़र ही जाता है।

बदलाव न इंसान लाता है,
न हालात;
असल बदलाव तो
मन और समय को समझने वाला लाता है।

इसलिए,
क्रोध आये तो मन को संभालो,
मुसीबत आये तो समय को थामो,
यही दोनों कला सीख ली
तो जीवन में हार का कोई अर्थ नहीं रहता।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: