Anilkumar Rathwa (Sameer) 08 Nov 2025 कविताएँ समाजिक "खामोशी की ताकत" 21728 1 5 Hindi :: हिंदी
जहाज़ तब तक नहीं डूबता, जब तक उसमें कोई सुराख न हो, इंसान भी तब तक मजबूत रहता है, जब तक वो खुद को बेपर्दा न हो। हर मुस्कान के पीछे एक कहानी होती है, हर चुप्पी में ज़ुबान बेमिसाल होती है, दुनिया सुनती नहीं — आँकती है, इसलिए खामोशी ही सबसे बड़ी ढाल होती है। अपने सपनों को सबको मत बताओ, हर कोई चाहने वाला नहीं होता, कुछ चेहरे पास लगते हैं, पर दिल से वफ़ादार नहीं होता। जहाज़ को समंदर नहीं, छेद डुबोता है, इंसान को दुनिया नहीं, खुलापन रुलाता है। इसलिए — राज़ को राज़ रहने दो, और अपने विश्वास को अपना ताज रहने दो।
6 months ago