Tulasi Seth 23 Aug 2024 कविताएँ समाजिक दिल से 35218 0 Hindi :: हिंदी
मेहसुस होता है अक्सर हमें जब कभी तुम परेशान होते हो धड़कने दिल की तेज हो जाती है जब कभी तुम उदास होते हो। सुना है तुम्हें कहते बस यही 'मजे में हुं बहुत खुस हुं ' तसल्ली तो दिल को हो जाती है पर देखा कहां जो भरोसा करलुं। शायद बहुत ही ईमानदार हो तुम, दिल का दर्द छुपाने में या फिर मैं इस काबिल ही नहीं तुम्हारे दोस्तों के नामों में। न अपना माना , तो ग़म क्या करें हो तुम तो पराये भी नहीं, खुद पे नाराज इस बात की है के तुम को कभी भुलाया ही नहीं। न बात करो न याद करो न कभी कोई फरियाद करो, दिल की बस तमन्ना है इतनी हमेशा तुम खुशहाल रहो।