Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

"खुद की गूँज"

Anilkumar Rathwa (Sameer) 11 Feb 2026 कविताएँ समाजिक "खुद की गूँज" 6780 0 Hindi :: हिंदी

हथेली की लकीरों में छुपा, कोई राज नहीं होता,
जो झुक जाए तकदीर के आगे, वो सरताज नहीं होता।
माना कि वक्त की लहरें, कभी विपरीत बहती हैं,
मगर काबिलियत ही है, जो तूफानों में डटकर रहती है।

​किस्मत तो बस एक जुआ है, कभी मिली कभी छूट गई,
पर मेहनत वो नीव है, जो कभी न टूटी, न फूट गई।
तू क्यों ढूँढता है सहारा, उन बेजान सितारों में?
तेरी जीत का शोर छिपा है, तेरी अपनी हुंकारों में।

​भरोसा खुद पर कर इतना...

​कि खुदा भी तुझसे पूछ बैठे, तेरी रज़ा क्या है?
बिना संघर्ष के मिली जीत की, भला मज़ा क्या है?
कलम उठा अपनी मेहनत की, और खुद का भाग्य लिख डाल,
सपनों के ऊँचे अंबर पर, अपनी काबिलियत की चीख डाल।

​जो आज अंधेरा गहरा है, तो सूरज बनकर तू निकलेगा,
ये जो लोहा तपा है आज, कल कंचन बनकर निखरेगा।
सपने पूरे होंगे तेरे, ये वादा है तेरी हस्ती का,
बस भरोसा मत खोने देना, अपनी अंदरूनी शक्ति का।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: