Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #rambriksh Bahadurpuri kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar kavita #Ambedkar Nagar poetry #Baal divas per kavita 29792 0 Hindi :: हिंदी
चाचा नेहरु न्यारे थें हम बच्चों के प्यारे थें चाचा फिर तुम आओ ना हमको गले लगाओ ना दूर जहां तुम जाओगे बच्चों से मिल आओगे हमको साथ धुमाओ ना बच्चों से मिलवाओ ना, गुब्बारे हम टांगेंगे केक सभी हम काटेंगे नवम्बर चौदह आओ ना बाल दिवस मनवाओ ना, चाचा नेहरु सबके हो प्यार दुलार के पक्के हो स्वर्ग हमें दे जाओ ना प्यार हमें कर जाओ ना, तुम बच्चों में बच्चे हो अपने मन के सच्चे हो आशीषित कर जाओ ना हम पर प्यार लुटाओ ना, जन्म मुबारक तुमको हो हैप्पी हैप्पी बड्डे हो बांट मिठाई खाओ ना खुशियां मिल मनाओ ना। रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर यू पी
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...