आकाश अगम 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कोई नहीं है #विवशता #दर्द #हिंदी कविता #मुक्तछंद की कविता #आकाश अगम #आँसुओं का समंदर #Akash Agam 107734 0 Hindi :: हिंदी
कोई नहीं है
कितनी बार कहा
मेरे दिल में कोई नहीं है
मग़र तुम हो कि मानते ही नहीं
हाँ रोती हूँ , अकेले रहती हूँ, चुप रहती हूँ
पर इसका मतलब ये तो नहीं
कि मेरा किसी से अफेयर ही रहा हो
ज़िन्दगी में और भी रिश्ते हैं
जिनके टूटने से दर्द होता है
और भी बहुत लोग हैं जिन्होंने वादे किए थे
और भी लोग हैं जो चले गए छोड़ कर अकेला
क्या इससे मेरा दिल नहीं रोयेगा, ज़रा ये तो सोचो
मुश्किलें कौन सी कम हैं ज़िन्दगी में
अगर विखर जाते तो उनकी जगह दूसरे को लाती
मग़र मेरे ख़्वाब तो अभी भी जुड़े हैं
हज़ारों दरारें भरे ख़ुद में
किसे बतायें हाले दिल
कोई सुनता कहाँ है
समझता कहाँ है
बस हज़ारों उपदेश दे कर चले जाते हैं
लोग कहते हैं कि हम एक ही जगह पर रुक गए
और हम आँसुओं के समंदर में
न जाने कहाँ बहे जाते हैं।।