Manju Bala 09 Jun 2023 कविताएँ समाजिक कुछ पा ली है मंजिल कुछ अभी बाकी है ,जिन्दगी ,खुशियों में चार पलों सी लगाती है जिन्दगी ,कभी पकाऊ कभी उबाऊ कभी हसीन लगती है ये जिन्दगी चल रही हूँ ,के कंटीले रास्तों पर 29911 4 5 Hindi :: हिंदी
चल रही हूँ जिन्दगी के कंटीले रास्तों पर कुछ पा ली है मंजिल कुछ अभी बाकी है कभी हसीना कभी एक पहेली सी लगती है ये जिंदगी कभी पकाऊ कभी उबाऊ कभी हसीन लगती है ये जिन्दगी चल रही हूँ ,के कंटीले रास्तों पर कुछ पा ली है मंजिल कुछ अभी बाकि है खुशियों में चार पलों सी लगाती है जिन्दगी लेकिन दुख के पलों में पहाड़ सी लगाती है जिन्दगी मुश्किल वक्त भी चला जायेगा सब्र रख ये जिन्दगी कुछ पा ली है मंजिल कुछ अभी बाकी है
2 years ago
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I have done M.A in three subjects these are Hindi ,History ,Political science. I have also done M.Ed...