MD SHAYEED ALAM 30 Nov 2025 कविताएँ देश-प्रेम शायरी देशभक्ति 6432 0 Hindi :: हिंदी
बारिश से टूटा अपना मकान, लल्ला छुट्टी आएगा, घर की मरम्मत कराएगा। चश्मा हुआ मेरा पुराना, बंद हो गया है दिखाई देना, लल्ला छुट्टी आएगा , चश्मा नया दिलाएगा। छोटी बहन हुई सयानी, लल्ला छुट्टी आएगा , बहना का ब्याह कराएगा। कर्ज का बोझ बड़ा है, जमीन सारा गिरवी पड़ा है। लल्ला छुट्टी आएगा, गिरवी जमीन छुड़ाएगा। आया त्यौहार नजदीक दिवाली का, लल्ला छुट्टी आएगा, घर में लड़ी लगाएगा। आया ना लल्ला मेरा, पर लल्ला की चिट्ठी आई, लल्ला ने लिखा, छुट्टी नहीं मिली मेरी माइ। अभी युद्ध की घड़ी है आई।। अब जब युद्ध में जीत जाऊंगा, अभी छुट्टी में घर आऊंगा। तब तक सबका ख्याल तुम रखना, मैं आऊंगा मेरी राह तुम तकते रहना।।