Rambriksh Bahadurpuri 06 Nov 2025 कविताएँ समाजिक #मैं आसमान का तारा हूँ #रामवृक्ष बहादुरपुरी #अम्बेडकर नगर पोएट्री साहित्यिक मंच 12299 0 Hindi :: हिंदी
मैं आसमान का तारा हूँ
कभी चमकता
कभी टूटता
फिर भी नहीं मैं हारा हूँ,
मैं आसमान का तारा हूँ
धओर अंधेरा
जितना भी हो
और चमकता प्यारा हूँ
मैं आसमान का तारा हूँ
माना कि
बादल आते हैं
घेर मुझे
ढक जाते हैं
क्या आता नहीं दुबारा हूँ,
मैं आसमान का तारा हूँ
चमक लिए
हीरा मोती सा
विधु का बना दुलारा हूँ,
विस्तृत नभ में
दूर तलक मैं
फैला क्षितिज सितारा हूँ
मैं आसमान का तारा हूँ
रामवृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...