Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मैं अरावली हूं

Radheshyam Joshi 26 Dec 2025 कविताएँ समाजिक 10039 0 Hindi :: हिंदी

आपसे पहले जन्मी मैं,
और आपको पाला-पोसा।
जब बढ़ रहा था मरूस्थल,
तो मैंने ही उसे रोका।
आज मैं छोटी हो गई,
और तुम हो गए बड़े !!
आंधियों को अपनी छाती पर रोक,
तुम्हारे लिए बारिश भेजी मैंने।
क्या नहीं दिया मैंने?
नदियां, नाले, झरने,
एक प्रकृति का दुलार।
इतिहास, संस्कृति और पूरा संसार।
- राधेश्याम जोशी कोहिणा

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: