Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

*माँ: मेरा संसार*

Avnish Dutt 11 May 2026 कविताएँ बाल-साहित्य Maa, poem for mother's day, poem for mother, maa k liye kavita, maa mera sansar 5163 0 Hindi :: हिंदी

*माँ: मेरा संसार*

जब मैं इस संसार में आया,
सबसे पहले तेरा आँचल ही पाया।

बोल मैं कुछ भी नहीं सकता था,
अभिव्यक्ति भी नहीं दे सकता था।

हर रिश्ता मुझसे अनजाना था,
पर तूने मेरी हर ज़रूरत को पहचाना था।

तू ही है माँ,
तुझे सारा इतिहास पता है,
मेरे आज तक के सफ़र के सारे राज़ पता हैं।।

तेरे हर रूप में मुझे
नया अवतार दिखा है,

कभी तू यशोदा मैया-सा दुलार करती है,
तो कभी माँ काली बनकर
मेरे अवगुणों का संहार करती है।

तुझे बस देख लेने भर से ही,
सुकून मिलता है,
घर के आँगन का,
फूल-फूल खिलता है।।

तेरे बिना जीने की
मैं कल्पना भी नहीं कर सकता, माँ।
तुझे देखकर ही
हमारा हर दिन बनता है।।

अवनीश दत्त

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: