शरद भूषण मोंगरा 01 May 2026 कविताएँ धार्मिक बुद्ध,बुद्ध बनूंगा, माता मैं भी बुद्ध बनूंगा, महात्मा बुद्ध, ज्ञान, आत्मा का स्वामी, 5152 0 Hindi :: हिंदी
"बुद्ध बनूंगा" ज्ञानवान आत्म का स्वामी तपकर अंतर शुद्ध बनूंगा माता मैं भी बुद्ध बनूंगा घटा कोप इस कालखंड को चीर भोर का पुष्प खिलूंगा बनकर के उजियारा तन को अंधियारे से मुक्त करूंगा माता में भी बुद्ध बनूंगा शून्य काल से अनंत काल तक जहां ज्ञान का उजियारा हो ज्ञान के रस की अनुपम बहती जिस लोक अविरल धारा हो उसी काल में रुक जाना है शांत ह्रदय से बहते बहते अंतर तम तक डूब जाना है ध्यान सिंधु में बैठे बैठे सत्य ज्ञान के ब्रह्म खंड में मैं प्रकाश विशुद्ध बनूंगा माता में भी बुद्ध बनूंगा ज्ञानवान आत्म का स्वामी तप कर अंतर शुद्ध बनूंगा माता में भी बुद्ध बनूंगा।