Ujjwal Kumar 11 Jun 2023 कविताएँ दुःखद Sad 41158 0 Hindi :: हिंदी
अंधेरा मुझे फिर से बुला रहा है,
मैं उससे दूर जाना चाहता हूँ...
फिर क्यों सामने आ रहा है,
मैंने तो रोना छोड़ दिया था...
अब बड़ी मर्तबा के बाद,
फिर से रोना आ रहा है...
कोई मुझसे मेरी रूह छीनना चाहता है,
मैंने बड़ी गौर से देखा तो यमदूत मुझे लेने
आ रहा है...
✍स्वरचित रचना✍
उज्जवल कुमार