Shamma parween 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 37629 1 5 Hindi :: हिंदी
मैं एक मासूम सी पक्षी मेरा ना कोई बसेरा है सूखा पतझार मिला जो उस पे हि मेरा बसेरा है मैं नन्ही मासूम सी पक्षी कोई ना यहाँ मेरा हैं जब आएगा सावन का मौसम मेरे पेड़ पे भी पत्ते होंगे मैं पत्ते से भारी पेड़ पे आपने घोंसला देखूंगी बारिश हो या तूफान उससे लड़ना सीखूंगी मैं भी एक दीन काले बदला को चीर के ऊपर जा के दिखाउंगी मैं एक नन्ही मासूम सी पक्षी कुछ ऐसा कर दिखाउंगी
3 years ago