Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मन का रुख काँप गया

Sharda prasad 23 May 2023 कविताएँ हास्य-व्यंग New authors kumar vishwas mehata 33941 0 Hindi :: हिंदी

देखा मन हर्षशाया रातो मे, प्रेम की दीप जलाया साथो मे
गिरता उठता नहलाया बातो ने, उठा पटक धमा चौकड़ी हुआ सातों मे
मन का रुख काँप गया, पप्पू मेरा भाग गया
गोटे उसके चुम्बन दार किया उसके छेद पर कई वार
हुआ दुखी मेरा ज़ब पप्पू उसकी निकली चिपकी चिपकी
देखा मन चाट गया दिल को मेरे साट गया

मनहूस कवि की मनहूस कविता

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: