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मानवता

premlata suthar 20 Apr 2023 कविताएँ धार्मिक धार्मिक 36889 1 5 Hindi :: हिंदी

ये पृथ्वी बहुत बड़ा गृह (घर) है जिसके मालिक ईश्वर है इस पृथ्वी पर निवासरत सभी जीव किरायेदार है तेरे कर्म तेरी दौलत है | जैसी तेरी कर्म रूपी दौलत होगी, वैसी ही ईश्वर नजरो मे तेरी हैसियत होगी |

नौ माह का सफर तय करके आया हर जीव पृथ्वी पर,

वापस वही जाने का एग्रीमेन्ट साइन करके आया हर जीव पृथ्वी पर,

फिर क्यो इस धरा का मालिक बन तू लोगों को कुछ ना समझता है,

फिर क्यो मानवता, दया, भुलकर तु क्रूर, पापी बनता है| 
mishti sharma(premlata)✍🏻🙏🏻

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premlata suthar
premlata suthar 👌🏻👌🏻

3 years ago

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