Rameez Raja 30 Dec 2024 कविताएँ दुःखद 39295 0 Hindi :: हिंदी
सुनी थी मैने कभी यह बातें कि 'मर्द को दर्द नहीं होता' अरे जनाब यह तो बतायें कि आखिर मर्द को दर्द क्यों नहीं होता ? माना कि दिखने में है वह शौर्य वीर, है दिखे हमेशा चट्टान की तरह सबल, जो भी देखें बस यही कहे कि वह भाई ! तू तो है वीर, सभी यही कहे कि तू कभी न टूटे, न कभी बिखरे, रहे हमेशा फौलाद जैसे अमर वीर, पर सुनो मेरी बात एक, दुनिया वालों ..... क्या तुमने कभी देखा है या कभी झाँका है या कभी टटोला है उस मर्द के कोमल मन को कभी, देखी कभी उसके हृदय की गहराई ? सुनी है उसकी आहट भारी दास्तां तो पाओगे कि वह भी है एक आप जैसा जो है दुखों का मारा, है प्यारा, भोला-भाला , सबका दुलारा, अपनी जिम्मेदारियों के बोझ से दबा हुआ, धैर्यवान किंतु शांत, सभ्य, सौम्य गुणों से भरपूर राज दुलारा, हमारा प्यारा हिम्मत वाला । वह कभी न आने देगा अपने चेहरे के अश्रु को बाहर, रखे हमेशा चेहरे पर सदा आत्मविश्वास की कांति, कभी न व्यक्त करे अपने अंदर की ज्वाला, कभी न कहे अपनी आप बीती । लेकिन बावजूद इसके सभी लोग यही कहे कि मर्द को दर्द नहीं होता । अरे भाई यह तो बताओ, आखिर मर्द को दर्द क्यों नहीं होता ? अरे प्यारे ! कभी तो झांको उसके हृदय की गहराइयों को तुम । पाओगे कि वह तो खड़ा है अकेला अपनी ही कठिनाइयों का मारा, अपने ही संघर्षों में जूझता, अपनों के लिए लड़ते झगड़ते बेचारा । अपने सपना त्याग कर रखे सब का ख्याल, सोचे सब के बारे में, रखे सदा अपने चेहरे पर मुस्कान की अभिलाषा, पाओगे तुम उसे हमेशा यही कहते कि मर्द को दर्द नहीं होता ! मर्द को दर्द नहीं होता !