NEM SINGH RAJPUT SARFIRA 04 Oct 2025 कविताएँ दुःखद 11695 0 Hindi :: हिंदी
मैं जब घर से निकला था मिला था मुझे एक अपरिचित कुछ दूर मेरे साथ चला फिर मैंने पूछा उसका परिचय एक क्षण रुका और मुस्कुराया और बोला आगे बढ़कर बताऊंगा अपना परिचय कुछ दूर हम दोनों चले आगे रास्ते पर मिला एक घायल मृतक उसके घर वाले उसकी मृत्यु पर शोक मना रहे थे इतने में उसके पास पहुंच गया अपरिचित हाथ पकड़ के मृतक को लेकर चला परिचित मैंने पूछा अब तो कर दो अपना परिचय कुछ देर तक हसा और बोला क्या अभी नहीं समझा तू मेरा परिचय और फिर बोला तू बोला है तू नादान है तेरी भाषा में मेरी मृत्यु के नाम से पहचान है