Neha bansla 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य #womens #freedom # society # poems#motivational # girls #success # support # sahitya # udaan # school # memory # friends 😋🤭😃❤️🙏🙏❤️ dost ka 39271 0 Hindi :: हिंदी
लेकर पंख सपनों के, आ पहुंची में मेहनत के देश। पर यहां लगता है पराया सा व्यक्ति हरएक। फिर एक झलक पीछे देखा, तो चुनौती से भरी राह को देखकर, बढ़ उठा मेरे मन में उल्लेख। उतरकर मेहनत के देश में, मंज़िल आने लगी नजर , पर चलना तो अकेले ही है तो किस बात का है डर। यूं तो मन तारे जमीं तक लाने का था, पर उनकी पहरेदारी पर पूरा आसमां खड़ा था। ना खिलौने, ना मित्र, ना परिवार दिखाई देता था उस देश में ,और मैने वहा से जाने का नीच्य कर लिया आवेश में। वापस आने के लिए उड़ान भरने ही वाली थी, फिर अचानक याद आया, तेरी तो तारे जमीं पर लाने की बारी थी। गुलाबी, सफेद बड़े अतरंगे थे पंखों पर रंग और मैने अपने हाथो से कुतर दिए अपने पंख। अब चाहाकर भी उड़ नही पाऊंगी,बस मेहनत के देश में ही रह जाऊंगी।