Bhagyashree Singh 02 May 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत #ishqibaadatbanjaaye#ishqedelekhe#ishqdakalma#trending#like#share#comment#teekhikalam#sahitya#kavyalekhan#poetryslam#trend#sahityalive 11541 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक: मेरा इश्क इबादत बन जाए
सब्र इतना रखो कि,
इश्क मुकम्मल हो जाए,
इश्क बेहूदा न बने,
मेरा इश्क इबादत बन जाए।
इश्क इबादत ऐसे बने,
कि सिर सजदे में झुक जाए,
शोर-ए-गुल से डरता दिल,
महबूब के दर पे रुक जाए।
तेरा अक्स मिले नजरों को मेरी,
चैन निगाहों को मिल जाए,
महबूब में मुझको रब ही दिखे,
मेरा इश्क इबादत बन जाए।
महबूब मुझे मेरे रब सा लगे,
मेरा इश्क पाक सा हो जाए,
मेरा मन जो इश्क से चूर हुआ,
फिर इश्क-ए-फितूर में खो जाए।
मेरे रब से मैं ये फरियाद करूं,
तेरी इश्क इनायत मिल जाए,
मैं नेकी की राह चलूं हर पल,
मेरा इश्क इबादत बन जाए,
मेरा इश्क इबादत बन जाए।
मेरी कलम से
-भाग्यश्री सिंह
मेरा नाम भाग्यश्री है, मैं एक स्नातकोत...