Mithun anuragi 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरे आंगन में तुम आना 125493 0 Hindi :: हिंदी
फूलों की खुशबू मधुर बनकर ,
प्यारे गीतों का स्वर बनकर
नव प्रभात की लाली बनकर
उपवन की हरियाली बनकर
ये सारा जहाँ महकाना |
मेरे आँगन में तुम आना ||
वो समुद्र सी आंखे ,वो ह्रदय आसमा सा ,
वो गुलाव से ओंठ ,वो चेहरा चन्द्रमा सा |
वो मुस्कान उलझी पहेलियों सी ,
वो कोमल हथेली कलियों सी |।
जरा इक बार और मुझे दिखाना
मेरे आँगन में तुम आना ||
सावन की बूंदों सी रिमझिम ,
तुम्हारी पायल की छमछम |
कोयल सी मीठी आवाज तुम्हारी ,
सुन्दर गोरी सी सूरत तुम्हारी |
मेरे ह्रदय में बस जाना
मेरे आँगन में तुम आना ||
डुबोना मुझको अपनी चंचल बातों में ,
तुम जागो और मुझे जगाओ रातों में |
हुआ बिलम्ब अब आओ दुल्हन बनकर ,
मेरे जीवन से गम के कांटे चुनकर ||
मेरा जीवन सरस बनाना
मेरे आँगन में तुम आना ||
Written By
Shayar Mithun Anuragi