Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मेरी पहली कमाई-घर के देख हालातों को खुद से ही मैं रूठ गया हूँ

Ujjwal Kumar 08 Nov 2023 कविताएँ समाजिक मेरी पहली कमाई new Poem writer Ujjwal Kumar 33129 0 Hindi :: हिंदी

घर के देख हालातों को
खुद से ही मैं रूठ गया हूँ 
ज़िम्मेदारीयों का बोझ लिए 
आज कमाने निकल गया हूँ। 

पसीने से कपड़े हैं लतपत
हाथों पर मेहनत के छाले
दिन चढ़ गया दिल फिर भी कहता है 
थोड़ा सा बस और  कमाले

छिप गया रवि संध्या की गोद में 
चाँद की अब है बारी आई
चला मैं भी थका हारा घर को
लेकर अपनी पहली कमाई

सौंप दिये जब पैसे माँ को 
चेहरे पे उनकी मिठी मुस्कान आई
सुकुन मिला ये दिल को मेरे
कि यही है मेरी पहली कमाई।। 

रचनाकार-उज्ज्वल कुमार🙏....

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: