Niharika Senapoti 15 Nov 2025 कविताएँ दुःखद मिलते नहीं 5949 0 Hindi :: हिंदी
आज मेरी कविता की लय मिलती नहीं, खो गई कहीं मन भी आज धुंधला है, रंगत उसकी खो गई कहीं। शब्द भी मेरे गुम हैं कहीं मिलते नहीं, भटकते हैं सभी भावनाएं भी भारी हैं, उड़ती नहीं, थकी सी हैं कहीं।