महेश्वर उनियाल उत्तराखंडी 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत 109879 0 Hindi :: हिंदी
II मुझे बस तुम्हारा प्यार चाहिए ll मान चाहिए किसी को शान चाहिए किसी को व्यापार व बाजार चाहिए मुझे तो बस तुम्हारा प्यार चाहिए ll हो किसी की लालसा कि जहां चाहिए हर किए पे उसको इनाम चाहिए दौलतें भी उसको हजार चाहिए मुझे तो बस तुम्हारा प्यार चाहिए ll मिलकितें चाहिए किसी को ताज चाहिए जमीं सहित आसमां पर राज चाहिए उसे एक बार नहीं हर बार चाहिए मुझे तो बस तुम्हारा प्यार चाहिए ll गम नहीं किसी को बस खुशी की रात चाहिए खेलने को तो किसी के जज्बात चाहिए सबको हर सपना साकार चाहिए मुझे तो बस तुम्हारा प्यार चाहिए ll