Sudha Chaudhary 24 Jun 2023 कविताएँ समाजिक 48015 0 Hindi :: हिंदी
मुझे कहना है उन लोगों से जो रोकते हैं टोकते हैं खींचते हैं क्या मिलता है जिसे जो करना है करने दो कहने दो क्यों तकलीफ है किसी के बढ़ने से क्यों नहीं समझते किसी की भावनाएं इन्सानियत यूं हार जाएं क्या सही है? मदद का साथ मिल जाए तब सही है। सुधा चौधरी बस्ती