Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google 102195 0 Hindi :: हिंदी
नादान था ऎ दिल
कुछ समझ न सकें
वो किसी और की तारीफ करता रहा
हम खुद की तारीफ समझ मुस्कुराते गए।
नादान था ऎ दिल
कुछ समझ न सकें
वो किसी और की तस्वीर दिल में बसाता रहा
हम खुद की तस्वीर समझ अपनाते गए।
नादान था ऎ दिल
कुछ समझ न सकें
वो किसी और से प्यार करता रहा
हम उसे दिल में जगह देते गए।
नादान था ऎ दिल
कुछ समझ न सकें
वो बेवफ़ाई करता रहा
हम वफा निभाते गए।
धन्यवाद