Raj Ashok 25 Apr 2023 कविताएँ देश-प्रेम पद्मावत 26906 0 Hindi :: हिंदी
बलवंती भुजाए, चोडा़ सीना
चहरे पे सूर्य जैसा तेज लिए ।
रणं बाँकुरे ,राजपूत योद्घा ।
देखा, चितोड़ के रणं मे
आज ,हुंकार भरेगे ।
हाव -भाव से योघ्दा वीर कहलाते।
सर पे केसरीयाँ पगड़ी ।
मूँछों पे ताव लगाते।
आज हुंकार भरगे।
वारांगनाओ का शौर्य जौहर रचेगा ।
तो वीरो का घर्य, करेगा केसरीयाँ
आज, लिखी जाएगी ।
पद्मावत के बलीदानों की
अमर कहानी ,