Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

पद्मावत के बलीदानों की अमर कहानी

Raj Ashok 25 Apr 2023 कविताएँ देश-प्रेम पद्मावत 26906 0 Hindi :: हिंदी

बलवंती भुजाए, चोडा़ सीना 
चहरे पे सूर्य जैसा तेज लिए ।
      रणं बाँकुरे ,राजपूत योद्घा ।
देखा, चितोड़ के रणं मे 
आज ,हुंकार भरेगे ।
हाव -भाव से योघ्दा वीर कहलाते। 
सर पे केसरीयाँ  पगड़ी ।
मूँछों पे ताव लगाते। 
       आज हुंकार भरगे। 
वारांगनाओ का शौर्य जौहर रचेगा ।
तो वीरो का घर्य, करेगा केसरीयाँ 
     आज, लिखी जाएगी ।
पद्मावत के बलीदानों की 
अमर कहानी ,

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: