हरवंश हृदय 19 Jun 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #हरवंश #प्रेम #ढाईआखर 20572 0 Hindi :: हिंदी
किसकी बात कर रहे हो प्रेम की चलो बेहतर … तुम्हारी पीढ़ी तक आ तो गया वरना हमें लगा कि हम असफल रह गए तुम तक पहुंचाने में ये विरासत प्रेम एक शाश्वत सत्ता है जैसे सूरज चांद अवनी अम्बर घुला हुआ है हवाओं में पसरा है नीरव सन्नाटे की तरह हर तरफ हर जगह प्रेम ही तो है ये प्यार इश्क निष्ठा श्रद्धा भक्त भक्ति शक्ति मुक्ति कृपा स्नेह त्याग तृष्णा प्राण प्राणी कर्म धर्म मर्म चर्म सर्द गर्म शर्म नर्म गद्य पद्य शब्द अर्थ नेत्र अश्रु दन्त कर्ण श्वेत श्याम रक्त वर्ण सन्त सत्य पूज्य प्रभु अन्त मृत्यु स~~~ब… हां ये सब ढाई आखर प्रेम के ही तो हैं कैसे विरक्त हो सकते हैं भला हम प्रेम से बस जरूरी है इसका हस्तांतरण…. पीढ़ी दर पीढ़ी सारगर्भित और सुनियोजित ढंग से …… …..हरवंश हृदय