Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक सामाजिक 50252 0 Hindi :: हिंदी
//... पैगाम-ए-दिवाली...//
मत हो परेशान तू ,
जिंदगी एक काम है...!
मुश्किलों से लड़ना सीख ,
जिंदगी एक मुकाम है...!
किस घड़ी यह कैसी होगी ,
इससे सब अनजान है...!
अपना हौसला बुलंद रख ,
फिर जिंदगी तेरे नाम है...!
दे रहा मैं तुम्हें कि आज ,
दिवाली की शाम है...!
जो कुछ भी है मेरे पास ,
बस यही , बस यही पैगाम है...!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव (छत्तीसगढ़)