Ujjwal Kumar 20 Jun 2023 कविताएँ अन्य Family 38250 1 5 Hindi :: हिंदी
मां के बिना ये बचपन सूना पिता बिना जीवनभर रोना भाई बिना बहन बेकार ताने दें अब लाख हजार दादी बिन बचपन ये रूठा बाबा बिन जीवन क्या बीता चाची मामी एक समान प्यार करे वो भी भरमार चाचू मामू का क्या कहना हम लोगो को समझे गहना बुआ बिना सूना परिवार आने से भर दे घर बार काश हमेशा गर्मी आए गर्मी में भी छुट्टी आए बुआ हमारी घर आ जाए तब पूरा परिवार कराए। ✍️उज्जवल कुमार
3 years ago