मोती लाल साहु 24 May 2023 कविताएँ समाजिक नियंत्रण, चाहता है नियंत्रण- पृथ्वी-जल-अग्नि-वायु-आकाश-जनजीवन पर मानव सदियों से- खुद नियंत्रित होता- वक्त के हाथों में- समस्त ब्रह्मांड का नियंत्रण- प्रकृति के हाथों में है- सबको मालूम है - तो जनाब, यह कैसा प्रयास है? 31317 0 Hindi :: हिंदी
नियंत्रण! चहता है, नियंत्रण पृथ्वी- जल-अग्नि-वायु आकाश जन-जीवन पर मानव सदियों से और खुद नियंत्रित- होता वक्त के हाथों में समस्त- ब्रह्मांड का नियंत्रण, प्रकृति के हाथों में है सबको मालूम है- तो जनाब-यह कैसा प्रयास है? -मोती