Poonam Mishra 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत तुम संग प्रीत लगाई 33789 0 Hindi :: हिंदी
क्यों? न! प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाई ! क्यों ?मैं दौड़ती रही उस कठिन समय में तुम संग अकेले ! क्यों ?न राह के कांटे को मैं समझ पाई ? जो मैंने तुम संग प्रीत लगाई! प्रीत की वजह से मैंने सबको छोड़ा! आज जिंदगी के इस मोड़ पर तुमने मुझे यू अकेला छोड़ा! तुम से बिछड़ कर मैं यूं बार-बार रोई ! क्यों? ना प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाई! लेखिका पूनम मिश्रा