Arun Kumar 24 Jul 2023 कविताएँ देश-प्रेम Google/Yahoo/Bing 43768 0 Hindi :: हिंदी
सबके हृदय में बसे हैं जो वीरता के धागे, प्यार और सम्मान से जुड़े, जिनके सपने न्यारे। उन वीरों का रक्त, जो भूमि के लिए बहा, मां भारती के लिए, अपने जीवन का समर्पण किया। बेखौफ़ होकर लड़े जो अपने वीरों ने, वीरता के गाने गाते, विजयी किये दुश्मनों के साथ। राष्ट्र प्रेम की आग जो जलाते रहे दिलों में, मिट्टी की खुशबू से खेले, अपने देश के गांधीव बनकर। सबको गले लगाना, प्यार से सबका साथ चलना, दिलों में एकता बिठाकर, राष्ट्र को समृद्धि दिखलाना। हर इंसान के अंदर बसता है एक छोटा सा भारत, सबको मिलकर संवरना है, राष्ट्र का भविष्य निर्मात। चाहे बढ़े हमारे देश की उचाई आसमान की, सबके दिलों में भय दूर कर, भारत माता की जय बोलना। राष्ट्र प्रेम के संग सबको मिलकर जीना है, एकता की डोर बांधकर, सबको भारत माता का सन्मान करना। आओ यह प्रतिज्ञा करें, हम सभी वीरों से, कि राष्ट्र प्रेम को बढ़ाने में लगाएं जीवन के समस्त समय को। भारत माँ के लिए जीने की संकल्पना लें, उसके वीर सपूतों के सपनों को हकीकत बनाएं।