Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

"रातों से लड रहा हूँ-दिन खोज रहा हूँ"

Shreyansh kumar jain 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 50000 60098 0 Hindi :: हिंदी

रात की चांदनी से में लड रहा हूँ, 
दुनिया सारी सो रही है मै जग रहा हूँ, 
रात की सर्द हवा मेरा ध्यान रखती है,
चांद की रोशनी जब मुझसे आकर मिलती है ।।
दुनिया का सारा काम रूक सा गया है,
रात भर जग-जग कर मुझे सुबह का भोजन मिला है,
रात को में तो तारों से बात करता हूँ, 
किस्मत कुछ अपनी में यूँह पाता हूँ ।।
आज रात है कल सवेरा भी आयेगा,
आज इम्तिहान है कल परिणाम भी आयेगा, 
मेरे इन सब दुखों का यह बादल भी छट जाऐगा,
आज किस्मत में रात है तो कल सवेरा भी निकल आयेगा।।
रात की यह रोशनी एक दिन जगमगाऐगी,
खुशियों की रोशनी जब तेरा घर बनाऐगी,
यह जीवन का संघर्ष है इसे मत हार जाना,
अपने से वादा करके एक दिन जीत जाना ।।
                                                       श्रैयांश जैन 

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: