norika bankar 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य google 63360 1 5 Hindi :: हिंदी
हे पंछी !क्या हुआ जो आज कट गए तेरे ये पंख ,
डर मत उचे आसमान तक उड़ने की चाहत रख
मत तोड़ तु अपना हौसला,
लड़ पर खुदको ना सुला
तुझे भी मिलेंगे कभी राहत ,
बस तु रख उड़ने की चाहत
तो क्या हुआ आज तेरी दुनिया हैं अनजानी ,
जिंदगी से लड़ बना ले अपनी कहानी
तू बना ले अपनी नयी कहावत ,
बस तू रख उड़ने की चाहत
जिस मोड़ पर कठिनईया अनेक ,
तू उनको चुनौती के दृश्टि से देख
भयनाक काली रात के बाद होता है सवेरा ,
एक दिन जरूर पुरा होगा हर स्वपन तेरा
हे पंछी ! तु थक गया तो रुख कुछ क्षण ,
और ले थोड़ी राहत
बस तु रख उड़ने की चाहत
- नोरिका बनकर
3 years ago